वायुमंडल क्या है?(What is the atmosphere?)
किसी भी ग्रह के चारों ओर जो गैसों का घेरा या आवरण होता है वायुमंडल(atmosphere) कहलाता है।
वायुमंडल के कार्य(work of Atmosphere)
1. atmosphere में अनेकों प्रकार की गैसे पाई जाती है।
2. इसमें जलवाष्प पाया जाता है जिसके कारण से समय-समय पर आवश्यक रूप से वर्षा होते रहती है।
3. इसमें हरित ग्रह गैसे पाई जाती है , जो औसत तापमान(average temperature) बनाए रखती है।
4. यह हमें हानिकारक पराबैगनी किरणों से बचाती है।
5. यह हमें गिरते हुए उल्का पिंडों से बचाता है।
6. वायुमंडल रेडियो तरंगों को परिवर्तित करता है जिससे हमें दूरसंचार में सहायक होती है।
वायुमंडल की सतह पर उसके वायु का रासायनिक संगठन(Chemical organization of its air at the surface of the atmosphere)
1. नाइट्रोजन/Nitrogen(N2)-78.09%
2. ऑक्सीजन/Oxygen(O2)-20.95%
3. आर्गन/Argon(Ar)-0.93%
4. कार्बनडाइऑक्साइड(Co2)-0.036%
5. नियॉन(Ne)-0.0018%
6. हिलियम(He)- 0.000005%
7. हाइड्रोजन/Hydrogen(H)-0.001%
8. क्रिप्टन(Xe)-0.0001%
9. जेनान-0.000008%
10. ओजोन (O3)-0.000001%
पृथ्वी के वायुमंडल की संरचना
पृथ्वी के वायुमंडल को पृथ्वी की सतह से लेकर उसके ऊपरी स्तर तक पांच भागों में बांटा गया है
1. क्षोभमण्डल (Troposphere)
2. समतापमण्डल (Stratosphere)
3. मध्यमण्डल (Mesosphere)
4. तापमण्डल (Thermosphere)
5. बाह्यमण्डल (Exosphere)
10000K.M-आणविक हाइड्रोजन की परत
3500K.M-हीलियम की परत
1100K.M-आणविक ऑक्सीजन की परत
200K.M-आणविक नाइट्रोजन की परत
90K.M-सममंडल
0K.M-पृथ्वी
1.क्षोभमण्डल (Troposphere)
यह वायुमण्डल की सबसे निचली परत है, जिसकी ऊँचाई ध्रुवों पर लगभग 8 किमी. और भूमध्यरेखा पर लगभग 18 किमी. होती है
इसमें गैसों का सबसे अधिक मिश्रण पाया जाता है
क्षोभमंडल में नीचे से ऊपर जाने पर 6.50C/किमी. की दर से तापमान घटता जाता है|
इसकी सबसे ऊपरी सीमा क्षोभमण्डल सीमा (Tropopause) कहलाती है |
वायुमंडल की लगभग सम्पूर्ण जलवाष्प क्षोभमंडल में ही पायी जाती है, इसी कारण सभी मौसमी घटनाएं होती है। जैसे बादल चमकना, वर्षा होना...
तापमान का सामान्य राजगढ़ 165 KM =1°C हैं।
2. समतापमण्डल (Stratosphere)
समताप मंडल को ओजोन मंडल के नाम से भी जाना जाता है। इस मंडल में ओजोन गैस लगभग 15 से 35 किलोमीटर तक पाया जाता है
ओज़ोन परत इसी मण्डल की ऊपरी सीमा पर पायी जाती है, जो पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती है |
यह वायुमण्डल की दूसरी सबसे निचली परत है, जिसकी ऊँचाई लगभग 12 से 50 किमी. होती है |
इसमें मौसमी घटनाएं नहीं होती है।
इसमें तापमान लगभग समान होता है।
जेट विमानों की उड़ान के लिए यह मंडल सर्वाधिक आदर्श माना जाता है।
3.मध्यमण्डल (Mesosphere)
यह वायुमण्डल की तीसरी सबसे निचली परत है
जिसकी ऊँचाई लगभग 50 से 80 किमी. होती है |
यह वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है मध्य मंडल में ऊंचाई पर तापमान -80०C गिरता है
उल्का पिंड की घटनाएं इसी मंडल में दिखाई देती है।
4.तापमण्डल (Thermosphere)
यह मध्यमण्डल के ऊपर स्थित परत है, जिसकी ऊँचाई लगभग 80 से 700 किमी. होती है |
तापमण्डल में नीचे से ऊपर जाने पर से तापमान बढ़ता जाता है|
इसकी सबसे ऊपरी सीमा तापसीमा (Thermopause) कहलाती है |
तापमंडल की निचली परत (80 - 550 किमी.) आयनमण्डल कहलाती है क्योंकि यह परत सौर्यिक विकिरण द्वारा आयनीकृत (Ionized) हो जाती है | आयनमंडल पूरी तरह से बादल व जलवाष्प विहीन परत है | आयनमंडल से ही रेडियो तरंगें परावर्तित होकर वापस पृथ्वी की ओर लौटती हैं और रेडियो,टेलीवीजन आदि के संचार को संभव बनाती हैं | संचार उपग्रह इसी मण्डल में स्थित होते हैं |
उत्तरी ध्रुवीय प्रकाश (aurora borealis) तथा दक्षिणी ध्रुवीय प्रकाश (aurora australis) की घटनाएँ तापमण्डल में ही घटित होती हैं |
5. बाह्यमण्डल (Exosphere)
यह तापमण्डल के ऊपर स्थित परत है, जिसकी ऊँचाई लगभग 700 से 10,000 किमी. तक होती है |
यह अंतरिक्ष से जुड़ा रहता है।
यहां पर कृत्रिम उपग्रह स्थापित किया जाता है।
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